इल्तुतमिश से संबंधित प्रश्न | मध्यकालीन भारत का इतिहास

इल्तुतमिश से संबंधित प्रश्न

(1211-1236)

प्रिय पाठको आज हम मध्यकालीन भारत के इतिहास के शासक इल्तुतमिश के बारे में अध्ययन करेंगे. एवम् उन सभी प्रश्नों के बारें में पढेंगे जो एग्जाम की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. इल्तुतमिश से संबंधित प्रश्न

इल्तुतमिश 1211 ईसवीं में गद्दी पर बैठा।

● इल्तुतमिश इल्बरी तुर्क था। इल्तुतमिश ऐबक का गुलाम था। इसलिए इल्तुतमिश को ‘गुलामों का गुलाम‘ कहा जाता है। व कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु के समय बदायूँ का गवर्नर था।

कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी पुत्री का विवाह इल्तुतमिश से किया था।

● इल्तुतमिश ने दिल्ली को अपनी राजधानी बनाई।। इसलिए इल्तुतमिश को दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। ऐबक के समय लाहौर राजधानी थी।।

● बगदाद के खलीफा से सुल्तान की उपाधि प्राप्त करने वाला इल्तुतमिश पहला शासक था। इल्तुतमिश को 1229 में ‘सुलतान-ए-आजम’ की उपाधि प्रदान की।

● इल्तुतमिश ने कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा शुरू कराए गए कुतुबमीनार के निर्माण को पूरा करवाया गया।।

● इल्तुतमिश ने चालिस तुर्क अमीरों और गुलामो का एक संगठन बनाया। जिसे चालीसा दल व तुर्कान ए चहलगानी के नाम से जाना जाता था।

इल्तुतमिश की मृत्यु 1236 में हुई।

● इल्तुतमिश ने अपना उत्तराधिकारी रजिया सुल्तान को बनाया। लेकिन अमीरों ने इल्तुतमिश के बेटे रुकनुद्दीन फिरोजशाह को सुल्तान बनाया।

फिरोजशाह के शासनकाल में उसकी माँ ने शासन किया। इसी कारण वहां विद्रोह पनपा।

● पहली बार जनसमूह के निर्णयानुसार रजिया गद्दी पर बैठी।।

जौहर केसरिया शाका सती

जलालुद्दीन मलिक फिरोज खिलजी

गयासुद्दीन बलबन

रज़िया सुल्तान

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