गणित के महान जादूगर श्रीनिवास रामानुजन के बारें में 10 ख़ास बातें

श्रीनिवास रामानुजन से जुडी 10 ख़ास बातें

1. 26 अप्रैल 1920 को महान गणितज्ञ ‘श्रीनिवास रामानुजन’ का निधन हुआ था। इन्होंने अपनी प्रतिभा और लगन से न केवल गणित के क्षेत्र में अद्भुत अविष्कार किए साथ ही में भारत को अतुलनीय गौरव भी प्रदान किया। श्रीनिवास रामानुजन

2. इनका जन्म 22 दिसम्बर, 1887 इरोड, तमिलनाडु में हुआ था।

3. इनके जन्मदिन के अवसर पर राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है।

4. गणित के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन जन्म के 3 साल बाद तक बोल नही पाए थे।

5. इन्होंने 12 साल की उम्र में पहली गणितीय प्रमेय बना दी थी। 13 साल की उम्र में लंदन विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर एस. एल. लोनी की विश्व प्रसिद्ध त्रिकोणमिति (ट्रिगनोमेट्री) पर लिखित पुस्तक का अध्ययन कर लिया था एवं अनेक गणितीय सिद्धांत प्रतिपादित किए।

6. श्रीनिवास रामानुजन ने गणित की शाखा ‘संख्या सिद्धांत‘ में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

7. इन्होने लगभग 3884 प्रमेयों का संकलन किया। इनकी अधिकतर सभी प्रमेयों को सही सिद्ध किया जा चुका है। हाल ही में इनके सूत्रों को क्रिस्टल-विज्ञान में प्रयुक्त किया गया है।

8. आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि इन्हें गणित विषय का कोई खास प्रशिक्षण नही दिया गया था। लेकिन गणित के क्षेत्र में रामानुजन किसी भी प्रकार से गौस, यूलर और आर्किमिडीज से कम न थे

9. ये गणित विषय को छोड़कर सभी विषयों में फैल हो जाते थे। रामानुजन को प्रश्न पूछना बहुत पसंद था

10. इनका निधन 33 साल की उम्र में टी.बी. की बीमारी के कारण 26 अप्रैल 1920 को उनका निधन हो गया था.

 

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